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जानिए घर में गणपति की तस्वीर लगाने के वास्तु नियम

जानिए घर में गणपति की तस्वीर               लगाने के वास्तु नियम         





हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय का स्थान दिया गया है। ऐसी मान्यता है कि गणपति की अराधना, उनका आह्वान किए बिना कोई भी शुभ कार्य पूर्णता प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए पूजा, हवन या अन्य कर्मकांड चाहे किसी भी देवी-देवता को समर्पित हों, सबसे पहले भगवान गणेश का ही आह्वान किया जाता है।

हिन्दू धर्म में भगवान गणेश की इसी महत्ता को समझते हुए घर में उनके स्थान का विशेष ध्यान रखे जाने की बात को स्वीकार किया गया है। वैसे तो सनातन धर्म का हर अनुयायी घर के मंदिर में ईश्वर की मूर्ति स्थापित करने से पूर्व प्रत्येक नियमों का पालन किया जाता है, लेकिन इस लेख के जरिए हम आपको ये बताने जा रहे हैं कि किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भगवान गणेश की तस्वीर या पेंटिंग लगाने के लिए आपको किन नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए।

1. अगर आप अपने वैवाहिक जीवन में शांति और स्थिरता की तलाश करते हैं तो आपको अपने घर की उत्तर-पूर्वी या उत्तरी दीवार पर गणपति की पेंटिंग लगानी चाहिए।

2. बैठक में गणपति की तस्वीर लगाने से आपकी सेहत पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसा करने से घर की ऊर्जा भी आश्चर्यजनक रूप से आपके अनुकूल हो जाती है।

3. घर की साज-सज्जा करते समय एक बात का ध्यान अवश्य रखें, कभी वॉशरूम, वॉशरूम की दीवार पर गणपति की पेंटिंग नहीं लगाई जानी चाहिए।

4. अगर आप नया घर खरीद रहे हैं या अपने रहने की जगह बदल रहे हैं तो उस जगह के मुख्य द्वार पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने की उत्तम जगह है।

5. भगवान गणेश की मूर्ति को बेडरूम में स्थापित नहीं करना चाहिए, यह विवाहित जीवन की शांति को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।


6. भगवान गणेश की नृत्य करती हुई मूर्ति या पेंटिंग को घर में स्थापित नहीं करना चाहिए। जितना हो सके कोशिश करें कि गणपति की सफेद मूर्ति या पेंटिंग को ही अपने घर के मंदिर या अन्य किसी शुभ स्थान पर स्थापित करें।

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